CGST में रिश्वतखोरी का बड़ा खुलासा! CBI ने सुपरिंटेंडेंट और इंस्पेक्टर को 50 हजार लेते दबोचा, कारोबारी को GST ब्लॉक करने की दी थी धमकी

नई दिल्ली: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने रिश्वतखोरी के एक बड़े मामले में कार्रवाई करते हुए केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) विभाग के दो अधिकारियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अधिकारियों में एक सुपरिंटेंडेंट और एक इंस्पेक्टर शामिल हैं, जो गिरिडीह में तैनात थे। दोनों पर एक कारोबारी से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) मिसमैच का मामला सुलझाने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है।

CBI अधिकारियों के अनुसार एजेंसी को 20 मई को इस मामले में शिकायत मिली थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि CGST अधिकारियों ने कारोबारी से 90 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। आरोप यह भी है कि रिश्वत नहीं देने पर कारोबारी का GST नंबर ब्लॉक करने की धमकी दी गई थी।

CBI ने बिछाया जाल, पहली किस्त लेते ही दबोचे गए अधिकारी

शिकायत मिलने के बाद CBI ने पूरे मामले की जांच शुरू की और जाल बिछाकर कार्रवाई की। एजेंसी ने दोनों अधिकारियों को 50 हजार रुपये की पहली किस्त लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद CBI टीम ने आरोपियों के कार्यालय और उनके आवासीय परिसरों में भी तलाशी अभियान चलाया।

अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों को धनबाद की सक्षम अदालत में पेश किया जाएगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है और एजेंसी रिश्वतखोरी नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है।

सेना का कर्नल भी रिश्वत मामले में गिरफ्तार

इसी बीच CBI ने एक अन्य बड़े भ्रष्टाचार मामले में भारतीय सेना के एक कार्यरत कर्नल को भी गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अधिकारी आर्मी ऑर्डिनेंस कॉर्प्स (AOC) में तैनात था और कोलकाता स्थित फोर्ट विलियम में ईस्टर्न कमांड में कार्यरत था।

CBI के मुताबिक कर्नल पर 50 लाख रुपये के रिश्वत घोटाले में शामिल होने का आरोप है। एजेंसी ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 61(2) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।

जांच एजेंसी के अनुसार कर्नल पर टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी करने, बढ़े हुए या लंबित बिलों को पास कराने और घटिया सामग्री के नमूनों को मंजूरी देने जैसे गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। मामले में आगे की जांच जारी है।

 

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